पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। बिजली दरों में इजाफे का यह सही वक्त नहीं था, बावजूद इसके सरकार द्वारा ऐसा कदम उठाना जनता विरोधी नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि न तो आपूर्ति सही हो पा रही है और न ही फुंके ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं।
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रौजा स्थित वर्कशाप की हालत तो बड़ी दयनीय है। आलम यह है कि रोजाना केवल 20 की मरम्मत हो रही है। यह खुद महकमे का दावा है, जबकि ट्रांसफार्मर जलने की संख्या रोजाना 60 से अधिक है। ट्रांसफार्मर के लिए बड़ी संख्या में लोग वर्कशाप का रोजाना चक्कर लगा रहे हैं।