ऐसे में जुर्म की दुनिया से ताल्लुक रखने वालों ने कार्रवाई के डर से कहीं और शरण ली है। जबकि मुख्तार अंसारी उनके गैंग से जुड़े लोगों द्वारा जनपद में किए गए अवैध कब्जे को भी मुक्त कराने और अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलवाने की कार्रवाई चल रही है। लगातार हो रही कार्रवाई से अंसारी बंधुओं में भी अफरा-तफरी मची है।
पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रदेश के 33 टॉप मोस्ट अपराधियों की लिस्ट में गाजीपुर के मुख्तार अंसारी युसूफपुर, उमेश राय (मुहम्मदाबाद) और त्रिभुवन सिंह (सैदपुर) के नाम भी शामिल हैं। इनके साथ ही वाराणसी के बृजेश सिंह, अतीक अहमद समेत 33 अपराधियों के नाम हैं। इनमें हिट लिस्ट में उमेश राय, त्रिभुवन सिंह, खान मुबारक, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद सोहराब के नाम हैं। डीजीपी ने जल्द ही इनका कच्चा चिठ्ठा तलाशने की प्रक्रिया पर पुलिस को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद हैं। बड़े कारनामों के कारण प्रदेश के माफिया नेताओं में मुख्तार अंसारी का नाम पहले पायदान पर रखा जाता है। 1988 में पहली बार हत्या के एक मामले में मुख्तार का नाम सामने आया था। इसके बाद वर्ष 1995 में मुख्तार अंसारी ने राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखा।
1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। इस समय भी वह मऊ विस क्षेत्र के विधायक हैं। बड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि जिले में भी अपराधियों का कच्चा चिट्ठा तैयार किया जा रहा है। बहुत जल्द इन के विरुद्ध कार्रवाई होगी।