एक दिन के दौरे पर वाराणसी पहुंचे जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर ने गुरुवार को बीएचयू में छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। बातचीत के दौरान जर्मनी के राष्ट्रपति का सबसे अधिक जोर जातिगत भिन्नता के बावजूद भारत की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत पर रहा।
इस दौरान उन्होंने बीएचयू में हिंदू शब्द शामिल करने के उद्देश्य पर सवाल किया। पूछा-क्या यहां केवल हिंदू विद्यार्थियों का प्रवेश होता है? जवाब में छात्रों ने उन्हें बताया कि यहां (बीएचयू) मिनी भारत बसता है।
हर धर्म, जाति और वर्ग के हजारों विद्यार्थी यहां पढ़ते हैं। विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में राष्ट्रपति ने छात्र-छात्राओं से डेढ़ घंटे तक भारत में जाति व्यवस्था, धार्मिक भेदभाव, सहिष्णुता, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के विकास आदि मुद्दों पर बातचीत की।