गंगा आरती देखते हुए जर्मन राष्ट्राध्यक्ष
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काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों का अप्रतिम सौंदर्य और गंगा आरती का नजारा देखकर जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टेनमायर के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा वाऊ वंडरफुल...। गंगा आरती की अलौकिकता और घाटों की भव्य सजावट व सुंदरता को जर्मन राष्ट्रपति अपलक निहारते रह गए।
बजड़े पर सवार राष्ट्रपति काशी में गंगा के घाटों को देखकर चकित रह गए। उत्सुकता ऐसी थी कि बजड़े पर खड़े भारतीयों से घाटों के बारे में जानकारी लेते रहे। गुरुवार को शाम 6:51 बजे जर्मन राष्ट्रपति का बजड़ा दशाश्वमेध घाट पर पहुंचा।
घाट की अप्रतिम सुंदरता देखकर राष्ट्रपति ने सराहना की। घाट पर मौजूद लोगों ने भारत और जर्मनी के झंडों को लहराकर उनका स्वागत किया। पूरा घाट गेंदा, गुलाब के फूल-मालाओं से सजा मह-मह कर रहा था।