स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर परिणाम के लिए कई मानक बनाए गए हैं। इस संबंध में नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने शुक्रवार सुबह कैंप कार्यालय में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह के साथ बैठक कर कचरा घर बंद करने की योजना पर चर्चा की। इसके तहत शहर में कूड़ा घर नहीं दिखाई देंगे। वहीं, रास्ते में जो कूड़ा कंटेनर व डस्टबिन रखे गए हैं उन्हें भी भूमिगत कर दिया जाएगा। ऐसी कार्ययोजना बनाई जा रही है ताकि नगर में कचरा दिखाई न दे। घर-घर कूड़ा उठान के बाद सीधे प्रोसेसिंग प्लांट में कचरा भेज दिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में यह इंतजाम नगर निगम को करना है। ऐसा नहीं होने पर केंद्रांश व राज्यांश के अनुदान से संबंधित नगर निकाय वंचित रह जाएगा।
निगम के अनुसार, नगर में ठोस कचरा का स्मार्ट प्रबंधन हो रहा है। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से कचरा घरों को जोड़ दिया गया है। सड़क किनारे रखे बड़े कंटनेर, सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय सभी सेंटर से जुड़े हैं। उठान को लेकर नियमित रिपोर्ट बन रही है। नगर निगम मुख्यालय में स्वच्छता वार रूम भी बना है। जहां से प्रबंधन की निगरानी हो रही है। वर्तमान में नगर निगम सीमा में करीब 43 कूड़ा घर हैं। इसके अलावा खाली प्लाटों में भी कूड़ा फेंका जाता है। योजना के तहत पूरे शहर में घर-घर कूड़ा उठान होगा तो कहीं भी कूड़ा नजर नहीं आएगा। यदि कोई ऐसा करेगा तो जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। यहां प्रतिदिन करीब डेढ़ से पौने दो लाख लोग अन्य जगहों से आते हैं। देव स्नान पर्व आदि होने पर यह संख्या एक करोड़ के पास पहुंच जाती है। ऐसे में बाहर से आने वालों की संख्या के कारण स्वच्छता मिशन बड़ी चुनौती बन जाती है।
एक नजर में आंकड़े
600 मीट्रिक टन कचरा
29 स्थाई व 14 अस्थाई कचरा घर
90 डंपर कचरा रोजाना उठान
30 डंपर कचरा रोजाना बैकलॉग