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Varanasi News: धोखाधड़ी कर दूसरे के खातों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनभद्र। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर खाता खुलवाने और कूटरचना के जरिये साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के लीडर सहित चार के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। जिले में यह पहला मामला है, जब साइबर ठगी में गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। इस गिरोह के तार बैकिंग सेक्टर में कहां तक जुड़े हैं, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने साइबर थाने में दी तहरीर में बताया है कि जमालपुर (मिर्जापुर) थाना क्षेत्र के धरवारा गांव निवासी आयुष पटेल गैंग लीडर है।
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वर्तमान में वह रामनगर (वाराणसी) थाना क्षेत्र के सगरा रामपुर में रह रहा है। रेवतीपुर (गाजीपुर) थाना क्षेत्र के उधरनपुर निवासी सुभाष राय, शक्तिनगर (सोनभद्र) थाना क्षेत्र के खड़िया निवासी करन गुप्ता, जमालपुर (मिर्जापुर) थाना क्षेत्र के चैनपुर बहुआर निवासी रजत श्रीवास्तव गिरोह के सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी जिले में गरीबों को सरकारी लाभ दिलाने के नाम पर बैंक में खाता खुलवाता है।
बैंक में खाता खोलने के लिए फार्म में कूटरचना कर उसके संचालन का अधिकार खुद हासिल कर लेते हैं। पीड़ित को जानकारी न हो उनका एटीएम, पासबुक, चेकबुक अपने पास रख लेते हैं। इन खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से मिलने वाली राशि को मंगाने और उसे दूसरे खातों में भेजने (डायवर्ट) में किया जाता है।
पिछले साल ठगी के शिकार मजदूर अमरनाथ ने शिकायत दर्ज कराई तब इस गिरोह का खुलासा हुआ था।
जांच में पता चला था कि जिला मुख्यालय स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र की शाखा में अमरनाथ, राजेश सहित अन्य का खाता खोलवाया गया और उनके जरिए कुल 1.04 करोड़ की साइबर ठगी की गई।
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जांच में यह भी सामने आया था कि बैंक को कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार से प्रभावित कर मनचाहे दस्तावेज लगाने के साथ ही फार्म में कूटरचना कर लेते हैं और उसके जरिए कूटरचित इलेक्ट्रानिक डिजिटल सिग्नेचर क्रिएट कर खुलवाए गए खाते का संचालन शुरू कर देते हैं।
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