पुलिस की लापरवाही ने यूपी के जौनपुर निवासी गैंगरेप पीड़िता किशोरी की जान ले ली। केस दर्ज कराने के दस महीने तक गिरफ्तार नहीं होने पर बेखौफ आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए युवती को जलाकर मारने की कोशिश की थी।
झुलसने के डेढ़ महीने बाद रविवार को बीएचयू के अस्पताल में किशोरी की मौत हो गई। अब पुलिस लीपापोती करने में लगी है। किशोरी की मां ने एक जून 2017 को दी तहरीर में बताया था कि योगेंद्र निगम उर्फ सुद्धू, मनोज निगम व आशीष उर्फ पंडित ने उसकी बेटी के साथ कई बार गैंगरेप किया।
इससे वह गर्भवती हो गई। तीन माह बाद विवेचना के दौरान ही किशोरी का गर्भपात भी हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया। किशोरी की मां ने न्याय के लिए जौनपुर एसपी तक से गुहार लगाई पर हुआ कुछ नहीं।
उधर, खुलेआम घूम रहे आरोपी महिला को धमकाते और केस वापसी के लिए दबाव बनाते रहे। इस मामले में थाने के एक दरोगा पर आरोपियों की मदद का आरोप भी लगा था। 26 अप्रैल को किशोरी संदिग्ध हाल में झुलस गई।
वह 80 फीसदी तक जल गई थी। उसे बीएचयू में भर्ती कराया गया था। वहां रविवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया।