इस यात्रा के दौरान पहले दिन गंगा आरती, बनारसी चाय नाश्ता, शास्त्रीय संगीत और डिनर की व्यवस्था होगी। दूसरे दिन सूर्योदय के समय चुनार के लिए नौका यात्रा, नाश्ता, सिद्धनाथ दरी, जलप्रपात का गाइडेड भ्रमण, चुनार की ऐतिहासिक व विरासत यात्रा, क्रूज पर दोपहर का भोजन, शूलटंकेश्वर मंदिर के दर्शन, काशी में शाम को मनोरंजन और रात्रिभोज होगा।
तीसरे दिन गंगा पर सूर्योदय के समय योग, काशी के ऐतिहासिक घाटों का सुबह क्रूज से भ्रमण होगा। नाश्ते के बाद यात्रा समाप्त होगी। अलकनंदा क्रूजलाइन के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि काशी से चुनार की इस यात्रा के लिए बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। 4 से 6 सितंबर तक यह सफर कराया जाएगा।
गंगा का वर्तमान जलस्तर क्रूज संचालन के लिए अच्छा
गंगा में इन दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर का बढ़ना जलमार्ग परिवहन के लिए अनुकूल है। जितना अधिक पानी गंगा में रहेगा, क्रूज या बड़े मालवाहकों के आवागमन में उतनी ही आसानी होगी। इन दिनों पानी बढ़ा है। ऐसे में मालवाहक जहाजों को आसानी से पटना या हल्दिया भेजा जा सकेगा।