गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ...के जयकारों के साथ भक्तों ने काशी लालबाग के राजा की प्रतिमा का विसर्जन किया। गुलाल, अबीर उड़ाते, ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते भक्तों की टोली ने लालबाग के गणपति को विदाई दी। इसके साथ ही पांच दिवसीय गणेशोत्सव को विराम दिया गया। रास्ते पर ढोल ताशे पर नासिक के कलाकारों की प्रस्तुतियों ने काशीवासियों का मन मोह लिया।
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आसभैरा अग्रवाल भवन में रविवार को पांच दिवसीय गणेशोत्सव के अंतिम दिन मुंबई के लालबाग के राजा की आरती मोदक के साथ उतारी गई। समिति के अध्यक्ष सुहास पाटिल, महामंत्री अन्ना मोरे, कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे, महंत संतोष दास ने गणपति की आरती उतारी।
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दोपहर में शोभायात्रा आसभैरो से निकली। फूलों से सजे रथ पर लालबाग के राजा को संरक्षक माणिक राव पाटिल ने विराजमान कराया। आरती के बाद शोभायात्रा आरंभ हुई। शोभायात्रा आसभैरो से चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, गिरजाघर, लक्सा होते हुए लक्ष्मीकुंड पहुंची। समिति अध्यक्ष सुहास पाटिल ने भगवान गणेश को अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दिया तथा आरती की।