फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उफान पर गंगाः वाराणसी के कई इलाकों में घुसा पानी, मंत्री नीलकंठ तिवारी ने लिया जायजा, बोले- राहत कार्य में न आए कोई कमी

Sat, 07 Aug 2021 02:12 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

प्रदेश के पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। कोनिया क्षेत्र में मंत्री ने एनडीआरएफ टीम संग बाढ़ से घिरे मकानों को देखा। कहा कि राहत कार्य में कोई कमी न आए।
विज्ञापन
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार चला गया है। गंगा किनारे निचले इलाके की बस्तियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। हालात ये हो गए हैं कि कई इलाकों में पलायन शुरू हो गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रदेश के पर्यटन मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने शनिवार को  बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। कोनिया क्षेत्र में मंत्री ने एनडीआरएफ टीम संग बाढ़ से घिरे मकानों को देखा।

विज्ञापन


कहा कि राहत कार्य में कोई कमी न आए। मंत्री ने प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवारों का कुशल क्षेम जाना। हर आवश्यक मदद दिलाने की बात कही। भ्रमण के दौरान संबंधित अधिकारियों को सम्पूर्ण बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में राहत सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ-सफाई एवं पानी कम होने के बाद दवा का छिड़काव करने का विशेष रूप से ध्यान देने को कहा।

मौके पर उपस्थित एनडीआरएफ टीम को लगातार रेकी करने और  बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने को कहा। बाढ़ वाले इलाके में साफ सफाई बनी रहे। राहत सामग्री वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी न हो। साथ ही साथ मेडिकल व्यवस्था भी सुचारू रूप से पीड़ित परिवारों तक पहुंचती रहे।  
विज्ञापन


इधर,  संभावित बाढ़ से निपटने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। गंगा को खतरे के निशान के करीब देख कर प्रमुख गंगा घाटों पर पुलिस तैनात की गई है। एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी के जवान लगातार मोटरबोट से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सामने घाट क्षेत्र की गंगा किनारे की कॉलोनियों में पानी घुस गया है।

मारुति नगर इलाके में 50 से ज्यादा घर पानी की चपेट में हैं। बढ़ाव की रफ्तार से कॉलोनी के लोग दहशत में है। बता दें कि बलिया जिले में  गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। वहीं गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। 

वरुणा में पलट प्रवाह से खलबली, पलायन जारी

अस्सी घाट नजारा, वरुणा पार इलाके से पलायन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण असि और वरुणा में पलट प्रवाह की स्थिति है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में लोग दहशत में हैं। पानी से घिर चुके इन मकानों में रहने वालों ने ऊंची बस्तियों में किराए पर कमरा लेकर अपना सामान वहां पहुंचाना शुरू कर दिया है।

 वरुणा किनारे बसी बस्तियां कोनिया, दीनदयालपुर, नक्खीघाट, पुलकोहना में दो सौ से अधिक मकान पानी से घिर चुके हैं। शुक्रवार सुबह से लोग अपने जरूरी सामानों के साथ पलायन कर रहे हैं। तिनपुलवा के नीचे से होते हुए वरुणा में गिरने वाले नाले के दोनों ओर बने अधिकतर मकानों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।  पुलकोहना से नक्खीघाट के बीच दर्जनों की संख्या में मकान पानी से घिर गए हैं। खतरे को देखते हुए पलायन जारी है। 
विज्ञापन

 शवदाह के लिए बढ़ी मुसीबतें 

गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। मणिकर्णिका घाट पर जहां छत पर शवदाह हो रहा है, वहीं हरिश्चंद्र घाट के ऊपर गलियों में शवदाह शुरू हो चुका है। गंगा की सभी घाटों का संपर्क पूरी तरह से समाप्त हो गया है। ऐसे में हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका दोनों ही घाटों पर लोगों को शवदाह करने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। 
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.42 मीटर पहुंच गया जो खतरे के निशान से महज 84 सेंटीमीटर नीचे है।



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें