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काशी में फिर ऊफान पर गंगा: पानी में बढ़ाव के साथ बढ़ीं तटवासियों की धड़कन, घाटों पर शवदाह करने में दिक्कत

Wed, 21 Sep 2022 09:39 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा एक बार फिर रौद्र रूप में आ गई हैं। गंगा का जलस्तार बढ़ने से तटवासियों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। खिड़किया घाट (नमो घाट) के फर्श के नीचे तक पानी पहुंच चुका है। गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण शव दाह करने आए लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
 
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वाराणसी में गगा का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में गंगा एक बार फिर ऊफान पर है। पानी में बढ़ाव का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 66.27 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था। सुबह के वक्त जलस्तर एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। अनुमान है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश और गंगोत्री नदी में हुए जल वृद्धि के कारण काशी में भी देर रात पानी बढ़ा।
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इधर, गंगा और वरुणा में तीसरी बार बाढ़ आने के कारण तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है। मंगलवार देर शाम तक दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां और पानी में डूब गई थीं। इधर, खिड़किया घाट (नमो घाट) के फर्श के नीचे तक पानी पहुंच चुका था। इसके अलावा शहर के कई प्रमुख गंगा घाटों को डूबोने के बाद पानी का रुख ऊपर की ओर चढ़ रहा है।
 
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वाराणसी में फिर से बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
गाय घाट निवासी अखिलेश पाण्डेय, शोभित भारद्वाज,  बाबू यादव, प्रह्लाद घाट के विजय कुमार, शंकर पाण्डेय ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख कर वह अपने मकान के नीचले तल को खाली करने में जुट गए हैं। मकान घाट से सटा होने के कारण उनके घर में पहले पानी भरने लगता है। इसके अलावा शहर के बीच से होकर गुजरी वरुणा नदी के किनारे रहने वाले भी बाढ़ के प्रकोप को लेकर फिर से सहम गए है। नक्खी घाट के मीरा घाट और तालीम नगर में अभी तक बाढ़ का मलबा और खिचड़ लगा हुआ है। लोग अपने घरों की सफाई में लगे हुए थे कि फिर से वरुणा का पानी बढ़ने लगा। इससे लोगों की मुसिबत और बढ़ गई है। 

मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शव दाह करने में बढ़ी दिक्कत
गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण शव दाह करने आए लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है। रविवार से गंगा में शुरु हुए बढ़ाओ ने मंगलवार शाम तक महा शमशान और हरिश्चंद्र घाट की आधी सीढ़ियों को जलमंग्न कर दिया था। इसके कारण शव दाह करने में गोलों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं शाम के वक्त हुई बारिश ने लोगों की दुश्वारियां और बढ़ा दी।
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