घाट किनारे मढ़ियों के प्राचीन मंदिरों में घुसा पानी
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बनारस और आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। जलस्तर में तेज बढ़ाव हो रहा है। इससे घाट किनारे बसे लोग चिंतित हो उठे हैं। गंगा का पानी शीतला घाट स्थित गंगा आरती स्थल तक पहुंचने को बेताब है।
मढ़ियों के कई प्राचीन मंदिर एक-एक कर डूबने लगे हैं। मंगलवार शाम को गंगा का जलस्तर 62.15 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। खतरे का निशान 71.26 मीटर है।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश के चलते सहायक नदियों और नालों से होकर ऊपरी सतह से लगातार गंगा में जल आ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव शुरू हो गया।
शाम सात बजे जलस्तर 62.15 मीटर पर पहुंच गया। ऊपरी सतह के फाफामऊ, सीतामढ़ी, इलाहाबाद और मिर्जापुर में भी गंगा लगातार बढ़ाव पर हैं। इधर, गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते घाट किनारे रहने वाले तीर्थ पुरोहितों, पंडे, मल्लाह गृहस्थी के सामान सुरक्षित करने में लग गए हैं।