प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया भारत को जानने को उत्सुक है और काशी से शुरू हुई क्रूज यात्रा विश्व पर्यटन मानचित्र पर उत्तर भारत के पर्यटन स्थलों को सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि आज वाराणसी, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार, असम में समर्पित की जा रही एक हजार करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं पूर्वी भारत में पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देंगी।
इससे पहले पीएम ने बिहार के पटना जिले के दीघा, नकटा दियारा, बाढ़, पानापुर और समस्तीपुर जिले के हसनपुर में पांच सामुदायिक घाटों की आधारशिला भी रखी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जलपत्तन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि हमारे त्योहारों में दान, आस्था, तपस्या और आस्था और उनमें नदियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह नदी जलमार्ग से संबंधित परियोजनाओं को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। उन्होंने कर देशवासियों को मकर संक्रांति व लोहड़ी की बधाई दी। इससे पहले उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत हर हर महादेव से की।
रविदास घाट से रवाना हुआ गंगा विलास क्रूज
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत को दुनिया ने देखा है। विगत वर्षों में काशी अपने पुरातन कलेवर को बनाए रखते हुए वैश्विक मंच पर स्थापित हुई है। दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर रवाना हो रहे गंगा विलास क्रूज और टेंट सिटी के जरिए वाराणसी में अब पर्यटन और रोजगार में बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना के अंतर्गत गंगा को स्वच्छ एवं अविरल किया गया। वाराणसी में यात्री जल परिवहन शुरू होने से लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। काशी के नाविकों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। नावों को सीएनजी में तब्दील कराया गया है। काशी में पर्यटकों के आवक में बेतहाशा वृद्धि हुई है।