वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ की यात्रा पर जाने वाला क्रूज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगरानी में रवाना होगा। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक राकेश कुमार ने कहा कि कोहरे के चलते जलयान के आगमन में देरी हुई है। अब आठ जनवरी को इसके वाराणसी पहुंचने की संभावना है। 52 दिन के सफर के दौरान भारत व बांग्लादेश के 27 रिवर सिस्टम से गुजरेगा। यह वैश्विक धरोहरों से संबंधित 50 से अधिक स्थानों पर रुकेगा।
इन रास्तों से गुजरेगा गंगा विलास क्रूज
- फोटो : सोशल मीडिया।
नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता से 22 दिसंबर 2022 को 32 स्विस पर्यटकों को लेकर रवाना हुआ गंगा विलास क्रूज 8 जनवरी को वाराणसी पहुंचेगा। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (भाअजप्रा) के अधिकारियों के मुताबिक, वाराणसी-गाजीपुर-मझऊआं-बाढ़ जलमार्ग को पटना-फरक्का जलमार्ग की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इस जलमार्ग के शुरू हो जाने पर पूर्वांचल के बाजार की पहुंच दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से हो जाएगी। इस मार्ग से व्यापारी गतिविधियां तेज होने से किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा।
दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाले गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल को चार जेटी की भी सौगात देंगे। पीएम मोदी वर्चुअल माध्यम से 13 जनवरी को गंगा विलास क्रूज रवाना करने से पहले बलिया से वाराणसी के बीच बने इन जेटी को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम के हाथों जेटी लोकार्पण के लिए जलमार्ग प्राधिकरण (भाअजप्रा) ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा पीएम मोदी 13 जनवरी को गंगा में नाव रेसिंग प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाएंगे। नावों को ठीक करने के साथ नाविक रेस की तैयारी में जुट गए हैं।