माघ मास के प्रमुख व्रत और त्योहारों में संकष्ठी श्रीगणेश चतुर्थी छह जनवरी, मकर संक्रांति व पत्तिला एकादशी 14 जनवरी, तिल द्वादशी 15 को, मास शिवरात्रि व्रत 16 को, मौनी अमावस्या 18 को, गौरी तृतीया 21 को, वरद विनायक श्रीगणेश चतुर्थी 22 को, वसंत पंचमी 23 को, अचला सप्तमी 25 को, दुर्गा अष्टमी 26 को, महानंदा नवमी 27 को, जया एकादशी 29 को, भीष्म द्वादशी 22 को, प्रदोष व्रत 30 को, माघी पूर्णिमा 31 जनवरी को पड़ेगी।
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सूर्यदेव को जल दें और करें तिल, गुड़ व कंबल दान
माघ माह में सूर्य उपासना से मनोकामना पूर्ण होते हैं। पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य देव को जल देना चाहिए। इस मास में विशेष तिथियों पर निराहार व्रत करने चाहिए। नियम-संयम से रहने पर भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा होती है। गीता पाठ का भी महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा होती है। माहभर जल में तिल डालकर स्नान करने, तुलसी के पौधे की पूजा करनी चाहिए। तिल, आंवला से बनी चीजों का दान, गुड़, कंबल दान और सेवन करना लाभदायक होता है।