नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि भारतीय शास्त्र, पुराण एवं उपनिषद इत्यादि सभी ग्रंथों में गंगा की महिमा और महत्ता का बखान किया गया है। गंगा जल कृषि व उद्योगधंधों के लिए प्राणवायु है। उचित होगा कि जीवनदायिनी गंगा एवं अन्य नदियों के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार छोड़ आस्था एवं परंपरा का निर्वहन मानवता के लिए किया जाए।
गंगा दशहरा पर घाटों से लेकर गंगा पार तक 'गंग सकल मुद मंगल मूला, सब सुख करनि हरनि सब सूला' की गूंज सुनाई पड़ी। नमामि गंगे के सदस्यों ने संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में दशाश्वमेध घाट और गंगा पार तक गंगा स्नान के लिए उमड़ी भीड़ को गंगा की महत्ता बताते हुए लाउडस्पीकर से स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया तो वहीं घाट से लेकर गंगा पार तक सफाई भी की।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि भारतीय शास्त्र, पुराण एवं उपनिषद इत्यादि सभी ग्रंथों में गंगा की महिमा और महत्ता का बखान किया गया है। गंगा जल कृषि व उद्योगधंधों के लिए प्राणवायु है। उचित होगा कि जीवनदायिनी गंगा एवं अन्य नदियों के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार छोड़ आस्था एवं परंपरा का निर्वहन मानवता के लिए किया जाए।
गंगा को मात्र एक नदी की तरह नहीं, बल्कि भारत की पहचान और धरोहर के रूप में देखना होगा । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर संयोजक शिवदत्त द्विवेदी, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, प्रीति जायसवाल, विकास तिवारी, सोनू जी, कंचन मिश्रा , निक्की जायसवाल, शुभम सिंह, पूजा मौर्या , जायसवाल क्लब महिला वाराणसी से प्रीति जायसवाल, पूनम जायसवाल, उमा जायसवाल, माला जायसवाल बबीता जायसवाल, रानी जायसवाल उपस्थित रहे ।