एनजीटी ने अपने फैसले में ललिता घाट के सामने गंगा की धारा में बन रहे प्लेटफार्म का भी जिक्र किया है। एनजीटी ने नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा से सुनवाई की अगली तिथि चार अगस्त से पहले पूरी रिपोर्ट तलब की है। एनजीटी ने पूर्व में चल रहे सीवेज प्लांट में जरूरत के अनुसार संशोधन करने को भी कहा है। मामले की सुनवाई 17 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई और फैसला 18 जून को अपलोड हुआ।
एनएमसीजी से मांगी पूरी रिपोर्ट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन व जिलाधिकारी की अगुवाई में स्वतंत्र निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। एनजीटी नें गठित स्वतंत्र निगरानी समिति को असि व वरुणा के पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट, मल-जल शोधन पर चल रहे कार्य का ब्योरा असि-गंगा व वरुणा-गंगा के संगम के नीचे व ऊपरी भाग में पानी गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट तथा असि-वरुणा नदी के अवैध निर्माण को चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी है।