क्राइम ब्रांच की पूछताछ में कतुआपुरा निवासी ओम प्रकाश जायसवाल उर्फ पुतुल साव ने बताया कि वह घर के पास किराए का मकान लेकर उसे गोदाम के तौर पर उपयोग कर रहा था। वहीं, आसपास के लोगों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि लंबे समय से नकली तेल बनाने का धंधा यहां चल रहा था। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली तेल तैयार करके बेचा जा रहा था। टीम में एसआई बृजेश मिश्रा, जितेंद्र सिंह, शक्तिधर पांडेय, अमित शुक्ला आदि रहे।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोदाम से रंग, स्प्रिट और हानिकारक केमिकल बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग करके नकली तेल बनाने का काम किया जाता था। दरअसल, कन्ना (चावल) के तेल में रंग और स्प्रिट के साथ केमिकल मिला कर उसे टीन में पैक कर उस पर नामी तेल कंपनियों का लोगो- रैपर लगा कर तैयार किया जाता था, जिसे विशेश्वरगंज किराना मंडी, खोजवा के अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में बेचा जाता था। मौके से तेल के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। नकली तेल बनाने के धंधे में पुतुल साव के अलावा और भी कई लोग शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।