फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकष्टी गणेश चतुर्थी पर गणेश मंदिरों में लगी भक्तों की कतार

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। नमामि देव सकलार्थदं तं सुवर्णवर्णं भुजगोपवीतम्ं। गजाननं भास्करमेकदन्तं लंबोदरं वारिभावसनं च।। अर्थात मैं उन भगवान गजानन की वंदना करता हूं, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करनेवाले हैं, सुवर्ण तथा सूर्य के समान दैदीप्यमान कांति से चमक रहे हैं। सर्पका यज्ञोपवीत धारण करते हैं, एकदंत हैं, लंबोदर हैं तथा कमल के आसन पर विराजमान हैं। शिव की नगरी काशी सोमवार को पार्वतीनंदन के जयकारों से गुंजायमान होती रही। शहर के गणेश मंदिरों में संकष्टी गणेश चतुर्थी पर सोमवार को भक्तों की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन

संकष्टी गणेश चतुर्थी पर मंगला आरती के बाद गणेश मंदिरों में दर्शन पूजन का सिलसिला आरंभ हो गया। शहर के लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी थी। पुत्र और पति की लंबी उम्र व परिवार में सुख शांति की कामना के साथ बड़ी संख्या में भक्तों ने बड़ा गणेश में प्रथमेश के दर्शन पूजन किए। मंदिर से लेकर लोहटिया, कबीरचौरा और मैदागिन जाने वाली सड़क पर भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर के आसपास मेले जैसा माहौल था। मंदिर से लेकर सड़क तक सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। वहीं चिंतामणि गणेश, ढुंढिराज गणेश, साक्षी विनायक, दुर्ग विनायक समेत सभी गणेश मंदिरों में भक्तों ने विघ्नहर्ता के दर पर हाजिरी लगाई। देर रात तक मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही।
गणेश चतुर्थी पर महिलाओं ने संतान प्राप्ति और संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा। महिलाओं ने रात्रि में 8:15 बजे चंद्रोदय के उपरांत चंद्रमा को अर्घ्य देकर भगवान गणेश की विधिवत पूजा की। गणेश और गौरी को पुष्प अर्पित करने के साथ ही तिल व गुड़ से बने मोदक अर्पित किए गए। कृष्णपक्ष की चतुर्थी से ही संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत का भी आरंभ हो गया। व्रती महिलाओं ने पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें