वाराणसी। इस साल गंगा प्रदूषण मुक्त होगी। वर्षों से गिरने वाले नाले अब गंगा में नहीं गिरेंगे। प्रदेश सरकार के प्रयास से 23 नालों में से 22 नालों का पानी शोधित होने लगा है। कुछ ही महीनों में बचा हुआ एक नाला भी बंद हो जाएगा।
गंगा प्रदूषण के परियोजना प्रबंधक एसके बर्मन ने बताया कि अस्सी, सामने घाट, नक्खानाला नाला टैप हो गया है। नगवां पंपिंग स्टेशन से नाले का पानी रमना एसटीपी तक भेजा जा रहा है। गंगा उस पार रामनगर के पांचों नाले को वहीं लगे एसटीपी शोधित कर रहे हैं। दोनों एसटीपी में टेस्टिंग चल रही है। इसके बाद ये 8 नाले भी बंद हो जाएंगे। वाराणसी में कुल 23 नाले सीधे गंगा में गिरते थे। जिसमें से 19 नालों को बंद किया जा चुका है। तीन नालों को और टैप करने के बाद महज एक खिड़कियां घाट का नाला शेष रह गया है। कुछ महीनों में ये भी टैप कर हो जाएगा। वाराणसी से कुल 300 एमएलडी सीवेज निकलता है। जिसमें से 260 एमएलडी शोधित होने लगा है। बचा 40 एमएलडी भी सीवेज जल्द शोधित होने लगेगा। वाराणसी में सीवेज के ट्रीटमेंट की योजना सन 2030 से लेकर 2035 तक के लिए बनाई गई है।