पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गंगा आरती का अनुभव और सारनाथ का दौरा आपको वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि जी-20 देशों के विकास का एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में हमने 100 से अधिक आकांक्षी जिलों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रयास किए हैं। यह जिले अल्प-विकास वाले पॉकेट थे। ये आकांक्षी जिले अब देश में विकास के उत्प्रेरक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने जी-20 देशों के विकास मंत्रियों से विकास के इस मॉडल का अध्ययन करने का आग्रह किया। कहा कि यह मॉडल प्रासंगिक हो सकता है, क्योंकि आप सभी संयुक्त राष्ट्र संघ के एजेंडा-2030 को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
जी-20 देशों के मेहमानों संग गंगा आरती देखते विदेश मंत्री
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प्रधानमंत्री मोदी ने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास तक फैला हुआ है। यहां महिलाएं विकास का एजेंडा तय कर रही हैं और विकास व परिवर्तन की वाहक भी बन रही हैं। उन्होंने सभी से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए गेम-चेंजिंग एक्शन प्लान अपनाने का आग्रह किया।
जी-20 देशों के विकास मंत्रियों से सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया कि वह दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों की बेहतरी के लिए गंभीरता से सोचें। उन्होंने कहा कि दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों के लिए विकास एक मुख्य मुद्दा है। ऐसे में आपके द्वारा लिए गए निर्णय संपूर्ण मानवता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने ने दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ये देश कोविड महामारी से गंभीर रूप से प्रभावित हुए। इन देशों में खाद्यान्न, ईंधन और उर्वरक के संकट के लिए भू-राजनीतिक तनाव भी जिम्मेदार है। इसलिए सतत विकास लक्ष्यों को पीछे नहीं छूटने देना लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है।