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G20 Summit: कमरे में सारा समय न गुजारें, घूमें और काशी को महसूस करें, जी20 मेहमानों को पीएम मोदी की सलाह

Mon, 12 Jun 2023 05:49 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

G20 Summit 2023 PM Modi Speech: वाराणसी में जी-20 सम्मेलन की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से विदेशी मेहमानों को संबोधित किया। दुनिया के 20 सशक्त देशों के समूह के समक्ष पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र का जी भर कर बखान किया। 
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पीएम मोदी का संबोधन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के बड़ा लालपुर स्थित व्यापार एवं सुविधा केंद्र (टीएफसी) में सोमवार को जी-20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक शुरू हुई। सम्मेलन की शुरुआत से पहले उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। दुनिया के 20 सशक्त देशों के समूह के समक्ष पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र का जी भर कर बखान किया।

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इस दौरान उन्होंने विदेशी मेहमानों से आग्रह किया कि वे अपना सारा समय बैठक कमरों में न बिताएं। उन्हें घूमने और काशी को एहसास करने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि  वाराणसी लोकतंत्र की जननी का सबसे पुराना जीवंत शहर है। काशी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सदियों से ज्ञान, चर्चा, बहस, संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है।

गंगा आरती और सारनाथ का जिक्र

काशी में भारत की विविध विरासत का सार है, जो देश के सभी हिस्सों के लोगों को जोड़ने वाले बिंदु के रूप में काम करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की भावना भारत की कालातीत परंपराओं से ऊर्जावान है। पीएम मोदी ने विदेशी मेहमानों को काशी की भावना का पता लगाने और यहां का अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
ये भी पढ़ें: अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो क्या बनारस में जी-20 होता? विदेश मंत्री ने दिया जवाब

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पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गंगा आरती का अनुभव और सारनाथ का दौरा आपको वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि जी-20 देशों के विकास का एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है।

हमारे 100 जिलों के विकास मॉडल का करें अध्ययन

पीएम मोदी का संबोधन - फोटो : सोशल मीडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में हमने 100 से अधिक आकांक्षी जिलों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रयास किए हैं। यह जिले अल्प-विकास वाले पॉकेट थे। ये आकांक्षी जिले अब देश में विकास के उत्प्रेरक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने जी-20 देशों के विकास मंत्रियों से विकास के इस मॉडल का अध्ययन करने का आग्रह किया। कहा कि यह मॉडल प्रासंगिक हो सकता है, क्योंकि आप सभी संयुक्त राष्ट्र संघ के एजेंडा-2030 को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

जी-20 देशों के मेहमानों संग गंगा आरती देखते विदेश मंत्री - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी ने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास तक फैला हुआ है। यहां महिलाएं विकास का एजेंडा तय कर रही हैं और विकास व परिवर्तन की वाहक भी बन रही हैं। उन्होंने सभी से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए गेम-चेंजिंग एक्शन प्लान अपनाने का आग्रह किया।
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दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों के लिए विकास बड़ा मुद्दा

जी-20 देशों के विकास मंत्रियों से सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया कि वह दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों की बेहतरी के लिए गंभीरता से सोचें। उन्होंने कहा कि दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों के लिए विकास एक मुख्य मुद्दा है। ऐसे में आपके द्वारा लिए गए निर्णय संपूर्ण मानवता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।  उन्होंने ने दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ये देश कोविड महामारी से गंभीर रूप से प्रभावित हुए। इन देशों में खाद्यान्न, ईंधन और उर्वरक के संकट के लिए भू-राजनीतिक तनाव भी जिम्मेदार है। इसलिए सतत विकास लक्ष्यों को पीछे नहीं छूटने देना लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है। 
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