वाराणसी। 11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी राजेश कुमार सिंह को रविवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। शिवपुर थाना की सर्वेश्वरी नगर कालोनी निवासी राजेश मूलत: से गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना के औड़िहार का रहने वाला है। राजेश के पास से 16 टीवी, एसी, इनवर्टर व बैटरी, एक कार और लैपटॉप सहित अन्य सामान बरामद हुए।
शिवपुर थाना की चांदमारी चौकी पर शुक्रवार को कई लोग राजेश कुमार सिंह को पकड़ कर ले गए थे। सभी का कहना था कि राजेश के पास कैटची पिक्सल कंपनी की फ्रेंचाईजी है। राजेश वाराणसी समेत पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के लोगों से 45 हजार रुपये का निवेश कराता था। बदले में वह रोजाना चार घंटे विज्ञापन देखने और प्रतिमाह 5000 रुपये और पांच साल बाद 45 हजार रुपये वापस होने का दावा करता था। एएसपी कैंट मो. मुश्ताक ने बताया कि राजेश ने पूछताछ में बताया कि डोरोटीजर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड मकरवा अहमदाबाद और कैटची पिक्सल कंपनी के लिए वह काम करता है। वाराणसी और आसपास के ज्यादातर लोग कंपनी से अक्तूबर 2019 के बाद जुड़े हैं। वाराणसी और आसपास के 2000 लोग इससे जुड़े हैं। इन लोगों से लगभग नौ करोड़ रुपये जमा कराए गए। वहीं लॉकडाउन में अधिक कमीशन का लाभ देकर दो करोड़ रुपये और जमा कराए गए। इस तरह से 11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी लोगों से की गई है। एएसपी कैंट ने बताया कि राजेश के साथ धोखाधड़ी का यह नेटवर्क चलाने वाले अन्य लोग भी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
देश भर में लोगों से 90 करोड़ जमा करा कर भागे
राजेश ने बताया कि देशभर में कंपनी की 125 फ्रेंचाइजी हैं। प्रत्येक से पांच लाख रुपये लिए गए थे। देशभर के लोगों से 90 करोड़ से ज्यादा रुपया जमा कराकर कंपनी के कर्ताधर्ता भाग गए हैं। कंपनी के डायरेक्टर अशोक कुमार शर्मा, जोनल हेड मोहन शर्मा, मार्केटिंग हेड रजत सिंह उर्फ हरपाल और सेल्स हेड अनिरुद्ध शर्मा व विजय शर्मा हैं। कंपनी का मुख्यालय मकरवा, अहमदाबाद में है और इसका ट्रेड मार्क कैटची पिक्सल है। राजेश वाराणसी और आस्पेसनके लोगों को फर्जी दस्तावेज और कूटरचित पंफलेट दिखाकर कंपनी से जोड़ता था।
कैसे करते थे धोखाधड़ी
यूट्यूब के जरिए बताया जाता था कि टीवी देखें और 5000 रुपये प्रतिमाह कमाएं।
- फ्रेंचाइजी द्वारा लोगों से संपर्क करके प्रचार-प्रसार करके जोड़ना।
-फेसबुक पेज बनाकर और पंफलेट बाट कर कंपनी का प्रचार-प्रसार करना
- प्रति व्यक्ति 45,000 रुपये कंपनी के खाते में जमा कराना और बदले में एक टीवी देना।
-रोजाना चार घंटे विज्ञापन देखने पर प्रतिमाह 5000 रुपये देने का आश्वासन देना।
- लॉकडाउन के दौरान 83 हजार अतिरिक्त जमा करने पर प्रतिमाह 11,500 रुपये देने का आश्वासन देना।
चार लाख रुपये का निवेश किया था। बहुत लुभावनी बातें की गईं थी, लेकिन अब पता लगा कि हमारे साथ धोखा हुआ है। - रामवृक्ष गुप्ता, चौबेपुर
चार लाख 54 हजार रुपये कंपनी में लगा है। जालसाजों ने धोखा दिया है। इन पर कार्रवाई हो और हमारा पैसा दिलाया जाए। - संजय श्रीवास्तव, गाजीपुर
धोखेबाजों ने 79 हजार रुपये लिए थे। पहले कोरोना का हवाला दिए और फिर चुप्पी साध ली। हमें हमारा पैसा दिलाया जाए। - शांति देवी, भोजूबीर
10 लाख का निवेश किया था। कंपनी के फ्रेंचाइजी ने धोखा दिया है। पुलिस जालसाजों पर कार्रवाई कर निवेशकों का पैसा दिलाए। - आदित्य सिंह, सारनाथ