कंपनी की ओर से दिए गए पत्र में कुमार विश्वास के हस्ताक्षर की कॉपी भी थी। 25 नवंबर को और रुपये जमा कराने का दबाव बनाया जाने लगा, तो उन्होंने कुमार विश्वास के कार्यालय में बात की, तो पता चला कि उनसे किसी प्रोग्राम के विषय में कोई बात ही नहीं हुई है। इस संबंध में डा. विश्वास ने स्वयं ट्वीट कर लोगों को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद गुरुवार को इस मामले में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसपी सिटी पंकज पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।