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RTE एडमिशन में फर्जीवाड़ा: बहुमंजिला मकान, कंपनी के मालिक, पर बच्चों का दाखिला आरटीई में मुफ्त

Thu, 15 Aug 2024 11:09 AM IST
प्रगति चंद पंकज चौबे, वाराणसी।

सार

वाराणसी में आरटीई के तहत होने वाले दाखिले में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर कई लोगों ने बड़े निजी स्कूलों में बच्चों का प्रवेश लिया है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले 10 विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्कूलों ने जांच के दौरान फर्जी आय, निवास और जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने का आरोप लगाते हुए बीएसए से अभिभावकों की शिकायत की है। बीएसए ने अभिभावकों को नोटिस जारी कर निवास, आय और जन्म प्रमाणपत्रों की जांच के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा है।

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निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को लॉटरी के जरिये बड़े निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। उनकी पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है। 

इस बार वाराणसी में नौ हजार विद्यार्थियों को आरटीई के तहत विभिन्न निजी स्कूलों में दाखिला दिया गया है। मगर, जिन विद्यालयों को दाखिला लेना था, उन्होंने सत्यापन के दौरान कई विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी का खुलासा किया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल ने आरटीई के तहत प्रवेश के लिए भेजी गई विद्यार्थियों की सूची से छह विद्यार्थियों को नियम विरुद्ध दाखिला लेने का आरोपी पाया है। 

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स्कूल ने बीएसए को लिखे पत्र में छात्र आयांश सिंह, शौर्य प्रताप सिंह, सेंट थॉमस, स्वास्तिक दुबे, आयांश यादव, जाह्नवी राय के अभिभावकों के पास आरटीई के नियमों के विपरीत ज्यादा संपत्ति और निवास स्थान को लेकर आपत्ति जताई है। जबकि सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल ने छात्र अक्षज पटेल की जन्मतिथि और वार्षिक आय में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। एक छात्र ने तीन मोबाइल नंबरों से अलग-अलग आवेदन कर दिया। अचरज की बात यह कि उसे दो सीटें अलॉट हो गईं। बीएसए ने सभी अभिभावकों को नोटिस जारी किया है।

अधिकारी बोले
निजी विद्यालयों ने आरटीई के तहत 10 बच्चों के एडमिशन में फर्जी प्रमाणपत्रों का उपयोग पकड़ा है। उनकी शिकायतें मिली हैं। उनके आधार पर अभिभावकों को नोटिस जारी किया गया है। फर्जीवाड़ा करने वालों का प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। - डॉ. अरविंद पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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ये हैं मामले

केस-1
छात्र - आयांश
पिता- पवन कुमार सिंह।
छात्र के दादा लठिया क्षेत्र में कालीचरण इंटर कॉलेज का संचालन करते हैं। परिवार के पास पर्याप्त निजी संपत्ति है। मगर, इस परिवार के बच्चे को आरटीई के तहत दाखिला दिला दिया गया।

केस- 2
छात्र- शौर्य प्रताप
पिता- सुरेंद्र कुमार
छात्र के परिवार की ओर से हॉस्पिटल का संचालन किया जाता है, जो नेशनल हाईवे पर है। इस परिवार के बच्चे का आरटीई के तहत प्रवेश कराया गया।

केस- 3
छात्र-थॉमस सेठ
पिता- देवेंद्र कुमार
छात्र के पिता हर्बल दवाओं की एक कंपनी चलाते हैं। पक्का-बड़ा मकान भी है। परिवार संपन्न है। बच्चे को आरटीई के तहत निजी स्कूल में दाखिला दिलाया गया।

केस- 4
छात्र-अक्षज
पिता- संतोष पटेल
छात्र की वास्तविक जन्मतिथि 16 मई 2018 है। आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए जन्मतिथि 16 जनवरी 2018 दर्ज करा दी। पिता होमियोपैथिक चिकित्सक और मां शिक्षिका हैं। आय का स्रोत मजदूरी दिखाई गई।
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