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पौधरोपण अभियान में फर्जीवाड़ा: वाराणसी में विभागों ने पौधे लगाए कम, कागज पर दिखाया ज्यादा

Wed, 25 Sep 2024 01:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

जियो टैगिंग व्यवस्था के बावजूद पौधरोपण अभियान में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कई विभागों ने पौधे कम लेकिन कागज पर ज्यादा दिखाया। 
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पौधरोपण करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पौधरोपण अभियान में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस बार पौधों की जियो टैगिंग की व्यवस्था की गई। इसके बाद भी कई विभागों ने इसमें फर्जीवाड़ा कर लिया। विभागों ने पौधे कम लगाए लेकिन जियो टैगिंग में संख्या ज्यादा दिखा दी। इसमें दो विभाग गृह विभाग और रक्षा विभाग, ऐसे हैं जिन्होंने पौधे तो लगाए लेकिन जियो टैगिंग ही नहीं की।

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जुलाई में शुरू हुए पौधरोपण अभियान के तहत 26 विभागों ने जिले में 15,06,617 पौधे लगाए थे। सभी विभागों को हर पौधे की जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए थे। आंकड़ों के मुताबिक जिले में जितने पौधे लगाए गए उनमें से 94.25 फीसदी यानी 1420091 पौधों की जियो टैगिंग की गई। लेकिन, जियो टैगिंग में कई विभागों ने फर्जीवाड़ा किया है। इसमें सबसे ज्यादा आंकड़ों में फेरबदल स्वास्थ्य विभाग ने किया। स्वास्थ्य विभाग ने पौधे तो पांच हजार लगाए लेकिन जियो टैगिंग 6310 पौधों की कर दी। इसी तरह लोक निर्माण विभाग ने सात हजार पौधे लगाए और जियो टैगिंग का आंकड़ा 8588 दिखाया है।

वहीं, उच्च शिक्षा विभाग ने 11000 पौधे लगाए जबकि 11426 पौधों की टैगिंग कर डाली। माध्यमिक शिक्षा ने 5000 पौधे लगाए है और 5292 पौधे की टैगिंग की है। पौधे उद्यान विभाग ने 95 हजार लगाए और 95150 पौधों की टैगिंग की है। इसी तरह ग्राम विकास विभाग ने 832097 पौधे के सापेक्ष 838157 जियो टैगिंग की। आवास विकास विभाग ने 30200 के सापेक्ष 30850 पौधों की जियो टैगिंग कर की। नगर विकास विभाग ने 81000 पौधे लगाए लेकिन 84083 पौधों की टैगिंग की है।

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11 विभागों ने सौ फीसदी की जियो टैगिंग

26 में से 11 विभाग ऐसे हैं जिन्होंने सौ फीसदी जियो टैगिंग की है। इनमें उद्योग, ऊर्जा, औद्योगिक विकाा, प्राविधि, रेशम, कृषि, पशुपालन, श्रम, परिवहन, रेलवे और पर्यावरण विभाग शामिल हैं। जबकि, पांच विभाग ऐसे हैं जिन्होंने पौधों तो लगाए हैं लेकिन जियो टैगिंगकम की है। इसमें जलशक्ति विभाग ने 60.95, पंचायती राज ने 70.42, बेसिक शिक्षा ने 78.20 और सहकारिता विभाग ने 83.94 फीसदी पौधों की जियो टैगिंग की है।
 
क्या है जियो टैगिंग
जियो टैगिंग का अर्थ कार्य की भौगोलिक स्थिति, फोटो, मैप और वीडियो के जरिये सही जानकारी देना है। इससे उस जगह की लोकेशन जानी जाती है, जहां पर पौधे लगाए गए हैं। गूगल मैप पर देखकर जगह का आसानी से पता किया जाता है। वन विभाग ने खासतौर पर क्विक कैप्चर एप भी बनाया है, जिस पर वन व अन्य विभाग क्षेत्रों में पौधा लगाने के बाद फोटो, रोपण स्थल और विभाग का नाम समेत पूरी लोकेशन अपलोड कर रहे हैं।
 
क्या बोले अधिकारी
पौधों की सही जानकारी के लिए जियो टैगिंग कराई जा रही है। कुछ विभागों द्वारा ज्यादा पौधों की टैगिंग हो गई है। उसे दिखाया जा रहा है। -स्वाती, प्रभागीय वनाधिकारी, वाराणसी 
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