बीके सिंह ने पत्र में आरोप लगाया कि मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड मांगा गया तो नहीं मिला। पता लगा कि किसी का कोई रिकॉर्ड नहीं है। आरोप है डॉ. मनिका के आईवीएफ सेंटर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मानक के अनुरूप कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं था। पीड़ितों ने इसका विरोध किया तो डॉ. मनिका ने 22 सितंबर 2021 को पांडेयपुर स्थित सेंटर को ही बंद कर दिया।
इस तरह से दो साल से ज्यादा समय तक हम सभी का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण हुआ। इस बारे में जब पीड़ितों ने डॉ. मनिक से बात की तो अमानवीय व्यवहार किया गया। जिससे निसंतान दंपतियों को गहरा आघात पहुंचा। इतना ही नहीं वाराणसी में सेंटर बंद होने के बाद जब हम लोग दिल्ली के जनकपुरी स्थित उनके आईवीएफ सेंटर गए तो डॉक्टर मनिका ने मिलने से मना कर दिया।
हम लोगों को अपने सेंटर से भगाने के लिए पुलिस बुला ली। पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग व पुलिस-प्रशासन में शिकायत का कोई असर नहीं हुआ तो पीएम को पत्र लिखकर गुहार लगाई। उक्त शिकायती पत्र के आधार पर कैंट पुलिस ने धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।