जमीन, गोल्ड और टूर पैकेज सहित लुभावने ऑफर का झांसा देकर सैकड़ों निवेशकों संग करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी ऋतु सिंह, प्रबंधक प्रदीप यादव 31 अगस्त 2021 से जिला जेल में बंद है। तीनों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
उसी के तहत संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। चेतगंज, सिगरा और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में नीलगिरी इंफ्रासिटी के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। लखनऊ, गोरखपुर, बिहार, झारखंड, एमपी, छत्तीसगढ़, गुजरात, नई दिल्ली और मुंबई सहित अन्य राज्यों के लोगों ने नीलगिरी इंफ्रासिटी में निवेश किया था।
शाइन सिटी मामले में गिरफ्तार मीरा श्रीवास्तव।
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शाइन सिटी धोखाधड़ी मामले में कंपनी के नाम दर्ज भूमि की पड़ताल जारी है। एडीसीपी वरुणा प्रबल प्रताप सिंह को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने जिम्मेदारी सौंपी है। वाराणसी जिले में शाइन सिटी की संपत्ति की सूची तैयार कराई जा रही है, पुलिस आयुक्त के अनुसार जो लोग इन जमीनों की खरीद फरोख्त में लगे हैं, उन पर भी कार्यवाही की जाएगी।
जेपी मेहता रोड स्थित शाइन सिटी के कार्यालय से सैकड़ों लोगों ने जमीन में निवेश किया और उनके साथ करोड़ों की धोखाधड़ी हो गई। निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर फरार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम अब तक फरार है। जबकि उसके भाई एमडी आसिफ को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
शाइन सिटी धोखाधड़ी मामले में चार दर्जन मुकदमे अकेले सिर्फ कैंट थाने में दर्ज हैं। इसमें आरोपी मंडुवाडीह के सिंधुरिया कॉलोनी निवासी कंपनी के एसोसिएट डायरेक्टर अमिताभ श्रीवास्तव, पत्नी ऊषा श्रीवास्तव सहित अन्य पांच आरोपी इस समय जिला जेल में बंद हैं।