बनाए थे कंपनी की फर्जी वेबसाइट और ई-मेल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने किया मोटर्स कंपनी के नाम की फर्जी वेबसाइट व ई-मेल बनाया था। फर्जी वेबसाइट / ई-मेल के माध्यम से कंपनी के फर्जी रिप्रजेंटेटिव बनकर तेजस्वी को एजेंसी दिलाने के लिए फर्जी इनलिस्टमेंट लेटर और इंटेंट लेटर भेजा गया।
फिर, कंपनी की रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी और जीएसटी फीस का हवाला देकर तेजस्वी से विभिन्न खातों में पैसा डलवाया गया। इसके बाद तेजस्वी को कंपनी के फर्जी लेटर पैड पर फर्जी इनवाइस भेजा गया। ठगी से मिले पैसे को आपस में बांट लिया गया।