दुर्गागंज में बारकोड के माध्यम से दो बार में 40 हजार, ऊंज में सर्वर फेल होने के नाम पर पांच हजार और बाद में 20 हजार अपने बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। ज्ञानपुर में स्वयं को शिक्षा विभाग का बीएसए मनोज कुमार सिंह बताकर फर्जी आधार कार्ड दिखाते हुए गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर दुकान के स्कैनर से 36 हजार 800 रूपये नकद लिया। तीनों मामले में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी के निर्देश पर गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित दुर्गागंज तिराहे पर खड़ा है। ज्ञानपुर के प्रभारी निरीक्षक मय टीम दुर्गागंज तिराहे पर पहुंचे। पुलिस को देख आरोपी भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। नाम-पता पूछने पर उसने अपना नाम राम सिंह यादव बंदीपट्टी प्रयागराज बताया।
इस तरह लोगों को बनाता था शिकार
आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम के माध्यम से प्रयागराज में एक ग्रुप से पीडीएफ फाइल के रूप में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त करता है। जिसमें उनके नाम-पते, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, रोल नंबर, परीक्षा के मार्क्स आदि महत्वपूर्ण जानकारी रहती है। इसके बाद वह अपने नाम का नया सिम कार्ड लेकर व्हाट्सएप आईडी व ई-मेल आईडी बनाता है। स्वयं को बीएसए ऑफिस का अधिकारी बताकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर लोगों से पैसे मांगता। आवेदक शैलेंद्र कुमार शुक्ला निवासी हरिहरपुर शुकुलपुर ने उसकी पहचान किया।
शुरूआती जांच में आरोपी के खिलाफ 40 से अधिक शिकायतें
एएसपी ने बताया कि शुरूआती जांच में साइबर ठगी से संबंधित 40 से अधिक शिकायतें प्रकाश में आई हैं, जिनमें लगभग 40 से 50 लाख की साइबर ठगी किया जाना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ तीन मामले भदोही, एक अमरोहा, एक प्रयागराज और एक आजमगढ़ में दर्ज हैं। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। जिस पर भारत सरकार के साथ मनोज कुमार सिंह निवासी इटहरा प्रयागराज अंकित है।