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Varanasi: गंगा पार फोरलेन सड़क का विरोध, स्वामी जितेंद्रानंद बोले- तीर्थाटन और पर्यटन को अलग करे सरकार

Sun, 26 Feb 2023 05:10 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा पार फोरलेन सड़क की प्रस्तावित योजना का अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ त्रासदी के बाद भी हम नहीं चेते। जोशी मठ हादसे के बाद भी हमारी आंखें नहीं खुल रही हैं। काशी में भी घाट खोखले हो रहे हैं। 
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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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वाराणसी में गंगा पार को जोड़ने के लिए सिग्नेचर ब्रिज के अलावा उस पार फोरलेन सड़क के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। गंगा पार फोरलेन सड़क की प्रस्तावित योजना का गंगा महासभा व अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि गंगा पार फोरलेन सड़क का कोई औचित्य नहीं है। गंगा उस पार फोरलेन सड़क होगा तो घाटों को नुकसान होगा।

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वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि केदारनाथ हादसे के बाद भी हम नहीं चेते। जोशी मठ हादसे के बाद भी हमारी आंखें नहीं खुल रही हैं। काशी में भी घाट खोखले हो रहे हैं। सत्ता और सरकार से लड़कर प्रकृति और संस्कृति के लिए कुछ नहीं हो सकता। इसके लिए हमें सामाजिक जनजागरण करना होगा।

तीर्थाटन और पर्यटन के अलग-अलग अर्थ

स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन दोनों अलग-अलग शब्द हैं। दोनों के अर्थ भी अलग हैं। उन्होंने सरकार से इसे अलग-अलग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गंगा की गोद में जब क्रूज चलेंगे तो तीर्थों की मर्यादा नहीं बचेगी।

विदेश प्रायोजित फोर्ड फाउंडेशन, जेम्स फाउंडेशन, पीयरे ओमिदयार और जॉर्ज सोरोस के पैसों से जो भारत में आंदोलन चल रहे हैं। उनसे राष्ट्रीय एकता और अखंडता को खतरा है। गंगा महासभा सरकार को गंगा किनारे टेंट सिटी के निर्माण को लेकर पत्राचार करेगी।
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इससे पहले गंगा महासभा के केंद्रीय कार्यालय में संगठन के राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई। बैठक में देश के विभिन्न जिलों से जुटे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए चल रहे प्रयासों पर चर्चा की। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि हमलोग प्रजेंटेशन प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंपेंगे। 
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