पीड़ितों को सीओ ऑफिस बुलाकर लूट में शामिल सिपाहियों की पहचान कराई गई। शिनाख्त के बाद सिपाही संजय यादव, अजीत सिंह, प्रकाश सिंह और अखिलेश पासवान को एसपी ने निलंबित कर है। उन पर लूट, बंधक बनाने और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से चारों सिपाही फोन स्विच ऑफ कर फरार हैं।
जीआरपी ने पैसा अपने एकाउंट में मंगाने वाले पवन पांडेय को गिरफ्तार कर रविवार को चालान कर दिया गया। सीओ कुंअर प्रभात सिंह ने बताया कि चारों सिपाहियों के गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि चारों सिपाही न्यायालय में आत्मसर्पण की तैयारी में हैं।
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जीआरपी के सिपाहियों ने यात्रियों से इतने रुपये क्यों मांगे। उन्होंने किस तरह का भय दिखाकर यात्रियों से इतनी बड़ी रकम वसूल ली। पीडीडीयू नगर जंक्शन यात्रियों से छिनैती, लूट के लिए बदनाम रहा है। यहां दो दशक पहले अवैध वेंडिंग को लेकर हत्या हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों से लूट की घटनाएं सामने नहीं आ रहीं थीं। नशीले पदार्थ, सोना-चांदी की तस्करी, नकली नोट, कछुआ तस्करी के खुलासे जरूर होते रहे हैं।
सियालदह जम्मूतवी एक्सप्रेस के यात्रियों से पुलिस की वसूली की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मिथलेश और धर्मेंद्र को क्यों पकड़ा गया। उनको धमका कर इतनी बड़ी रकम कैसे वसूल की गई। सिपाहियों ने दूसरे के एकाउंट में पैसे क्यों मंगवाए। वसूली का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और कब से चल रहा है। इसके पीछे किसी अधिकारी का भी हाथ है। इन सब बातों का खुलासा उनसे पूछताछ के बाद ही होगा।