मरम्मत हो गई होती तो न होता हादसा
चार मंजिला मकान में ब्वॉयज हॉस्टल संचालित होता है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने बताया कि बुजुर्ग के सिर पर जो सीमेंटेड ईंट गिरी थी उस पर पहले कभी गमला रखा जाता था। इधर वह सीमेंटेड ईंट लगातार हिल रही थी और रविवार की शाम बुजुर्ग के सिर पर गिर पड़ी। यदि उसकी मरम्मत करा दी गई होती तो शायद बुजुर्ग हादसे का शिकार न हुए होते।
हमके जिंदगी भर के लिए कलंक लग गईल
कन्हैया लाल राजभर की मौत के बाद उनकी बेटी रीता बिलखते हुए खुद को कोस रही थी। बार-बार यही कह रही थी कि हमके जिंदगी भर के लिए कलंक लग गईल...। हम अपने बाबूजी को न बुलाए होते और न उनकी जान जाती। परिवार की महिलाएं बड़े ही मुश्किल से रीता को संभाले हुए थी।