मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने हरहुआ स्थित एक स्कूल की प्रधानाचार्य सहित चार नामजद, अज्ञात जेलकर्मियों और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कैंट थानाध्यक्ष को हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। यह आदेश अदालत ने अंबेडकर नगर जिले के बहादुरपुर गांव की रेनू कुमारी के प्रार्थना पत्र पर दिया है।
रेनू कुमारी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अधिवक्ता के माध्यम से कहा था कि 17 फरवरी 2024 को यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा चल रही थी। रेनू के पति अरुण कुमार पांडेय पर आरोप था कि वह गोविंदा नामक अभ्यर्थी की जगह हरहुआ स्थित संत अतुलानंद स्कूल में परीक्षा दे रहा था।
बायोमेट्रिक मिलान के दौरान अरुण को पकड़ा गया था। रेनू के अनुसार उनके पति की उम्र 48 वर्ष थी। पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए 18 वर्ष से 33 वर्ष की आयु सीमा होती है। उनके पति को झूठे केस में फंसाया गया। जिला कारागार में 13 जून 2024 को अरुण की मौत हो गई। इसी मामले में अदालत ने डॉ. नीलम सिंह, डॉ. प्रेषक द्विवेदी, डॉ. संजय शर्मा, सिपाही बलराम के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।