थाना क्षेत्र के कौवा रमपुरा गांव के पास कार खड़े डंपर से टकराई उस समय अरुण सिन्हा कार में अपने इकलौते पुत्र अमित सिन्हा एवं पुत्री श्वेता सिन्हा व पत्नी रेखा के साथ बैठे हुए थे। घर जाने की खुशी में उन्होंने आगरा से प्रसिद्ध पेठा की भी खरीदारी की थी। जिस समय यह हादसा हुआ सड़क के चारों ओर पेठा फैला पड़ा था। घटना की सूचना मोबाइल नंबरों के आधार पर थाना अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने जब अरुण सिन्हा के परिजन अजय सिन्हा एवं सुमित सिन्हा को दी। तो वह बदहवास हो गए। अजय सिन्हा की हालत यह थी कि वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे थे। अजय सिन्हा ने बताया अरुण का एक ही पुत्र था और एक पुत्री है। वह भी गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से थाना पुलिस ने सभी शवों को क्षतिग्रस्त गाड़ी के अंदर से बाहर निकलवाया किसी तरह अरुण सिन्हा की घायल पुत्री को एंबुलेंस से इलाज के लिए इटावा भेजा गया। थाना पुलिस ने घटनास्थल पर खड़े डंपर को भी अपने कब्जे में ले लिया है। कुछ ही दूरी पर उनके साथी भी कार से लौट रहे थे। सूचना मिलने पर सभी साथी पोस्टमार्टम हाउस इटावा पहुंच गए।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर शनिवार को हुई घटना में चार लोगों की मौत के बाद मृतक अरुण सिन्हा के शीतला नगर कॉलोनी स्थित मकान पर दिनभर पड़ोसी व आस-पास के लोगों की भीड़ जुटी रही। जहां सभी अरूण सिन्हा, पत्नी रेखा (58), बेटा अमित (25) और चालक रवींद्र विश्वकर्मा की मौत पर दु:ख व्यक्त करते रहे तो वहीं लखनऊ में भर्ती बेटी श्वेता सिन्हा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते देखे गए।
हर कोई इस घटना से स्तब्ध था। दुर्घटना में मृत सभी मूल रूप से जौनपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के तारापुर के रहने वाले थे। इटावा पुलिस ने पड़ोसी मोती सिंह को फोन पर दुर्घटना की सूचना दी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पूरे कालोनी वासियों व परिवार में शोक की लहर दौड़ गयी। जौनपुर से परिवार के लोग इटावा के लिए निकल गए हैं।
अरुण सिन्हा जुलाई माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग भी शुरू कर दी थी। अक्सर पड़ोसियों से इस पर चर्चा करते थे। पड़ोसी मोती सिंह ने बताया कि इसी वर्ष जुलाई माह में अरुण सेवानिवृत्त भी होने वाले थे। अरुण सिन्हा कॉलोनी वासियों के चहेते थे। हर कोई उनके व्यक्तित्व की चर्चा करता रहा। अरुण कालोनी के सभी सामाजिक कार्यों मे बढ चढ़ कर हिस्सा लेते थे। उनकी मौत की खबर से कई लोगों की आंख तक छलक गई।
चालक रवींद्र विश्वकर्मा
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर शनिवार को हुई घटना में पिंडरा ब्लाक के देवराई सराय के निवासी चालक रवींद्र विश्वकर्मा (26) की मौत हो गई। उसकी सबसे छोटी बहन का गौना 13 मार्च को होने वाला था। घर में जोर शोर से इसकी तैयारी चल रही थी। रवींद्र अपने पिता जियुत लाल सहित पूरे परिवार के साथ बेलवरिया गांव में किराए के मकान में रहता है।
जिउत लाल होमगार्ड है लेकिन कुटुंब रजिस्टर में नाम की गड़बड़ी की वजह से तीन वर्ष से घर पर ही बैठे रहता है। इनको दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। भाइयों में रवींद्र छोटा था। अभी इसका विवाह नहीं हुआ था। पिता के अनुसार यह बिजली वायरिंग आदि का काम करता था और कभी कभी वाहन भी चलाता था।
बड़ा भाई राजेश बढ़ई का कार्य कर घर का खर्च चलाता था। दुर्घटना की जानकारी के बाद परिवार में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। गौने में शामिल होने आए मेहमान भी इस घटना से आहत दिखे। आयोजन के लिए पहुंचे हलुवाई भी इस घटना के बाद खुद के आंसू नहीं रोक सके।