Varanasi Crime News: वाराणसी जिले में कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामले में रोहनिया थाने में वर्ष 2014 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश तृतीय (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार की अदालत ने चार अभियुक्तों को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त शैलेंद्र चौहान उर्फ अजय, अजीत चौहान, करिया यादव और विनोद यादव को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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इसके साथ ही चारों अभियुक्तों को छह लाख 80 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियुक्तों द्वारा अर्थदंड देने पर अदालत ने पांच लाख 44 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता के परिजन को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के इटहा गांव के शैलेंद्र चौहान उर्फ अजय व सैदपुर थाना क्षेत्र के खैरा गांव के अजीत चौहान और मिल्की चक, रोहनिया के विनोद यादव व करिया यादव ने तीन अप्रैल 2014 को 16 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसे जान से मारने की नीयत से जहर पिला दिया था। उपचार के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी।
मामले को लेकर रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चारों अभियुक्तों को दोषी पाया और सजा सुनाई।