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बीएचयू बवालः दो साल में दर्ज हुए दर्जनों मुकदमे, गिरफ्तारी का आंकड़ा 15 तक भी नहीं पहुंचा

Fri, 22 Dec 2017 02:27 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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आईजी दीपक रतन - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में आए दिन हो रहे बवाल को लेकर सिर्फ मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। अगर बात की जाए गिरफ्तारियों की तो कुछ लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति हो रही है।
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बीएचयू परिसर और आसपास के इलाकों में बीते दो साल में हुए उपद्रव और बवाल की घटनाओं में लंका थाने में 45 मुकदमे दर्ज किए गए लेकिन गिरफ्तारी 15 आरोपियों की भी नहीं की जा सकी।

जानकारों का कहना है कि परिसर में बार-बार के उपद्रव के बावजूद सिर्फ कागजी कार्रवाई तक पुलिस के सीमित रह जाने के कारण अराजकता बढ़ी है। पहले से दर्ज मुकदमों में प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो हालात ऐसे नहीं होते।
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बीएचयू के छात्रों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को लेकर लंका थाने में बीते दो साल में दर्ज 45 मुकदमों में से चार-पांच मामलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर में आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, उन्हें चिह्नित भी नहीं किया जा सका है।

अभी पिछले 23 सितंबर को बीएचयू परिसर में छात्रों ने पुलिस पर बम फेंके थे। जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इस मामले में एक हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन तफ्तीश में जुटी क्राइम ब्रांच तीन महीने बाद भी सिर्फ बयान दर्ज करने तक ही सीमित है।

इसी वर्ष फरवरी महीने में बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर और सिंह द्वार पर, अप्रैल में भारतेंदु हॉस्टल और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच और सितंबर में छात्रा के साथ रैगिंग की घटना के बाद पथराव और जमकर मारपीट हुई थी लेकिन आरोपियों को अब तक चिह्नित नहीं किया जा सका।

इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि लंका थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है कि सभी मामलों की विवेचना में तेजी लाएं और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

परिसर ही नहीं दवा व्यवसायियों से वसूल जाता है ‘महीना’

पुलिस अधिकारी के साथ सुरक्षा व्यवस्‍था के बारे में बात करते आईजी दीपक रतन - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू परिसर में सीपीडब्ल्यूडी के लिए निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदारों से रंगदारी वसूले जाने की शिकायतों के साथ ही पुलिस को जानकारी मिली है कि छात्रों के अलग-अलग गुट लंका के दवा व्यवसायियों से भी हर महीने अच्छी-खासी रकम रंगदारी के तौर पर वसूलते हैं।

न देने पर दुकान में तोड़फोड़ करने की धमकी देते हैं। उपद्रवी छात्रों के डर से व्यवसायी पुलिस से कुछ कहने से कतराते हैं और दुकान की सुरक्षा के मद्देनजर हर महीने एक निर्धारित रकम उपद्रवी छात्रों तक पहुंचा दी जाती है।

पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में व्यापारियों को तहरीर देनी चाहिए। उनका नाम और पता गुप्त रख कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लंका पुलिस के अनुसार पांच ऐसे छात्रों को चिह्नित किया गया है जो बीते डेढ़ साल से बीएचयू परिसर और आसपास होने वाली सभी हिंसक घटनाओं में शामिल रहते हैं।

आला अधिकारियों के निर्देश पर इन चिह्नित पांच छात्रों के घर से लेकर यहां तक के आपराधिक मुकदमों का विवरण जुटाया जा रहा है। पुलिस इस बार इन सभी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
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छात्रों ने की फर्जी तरीके से फंसाने की शिकायत

घटना के बाद बंद बीएचयू स्थित पेट्रोल पंप - फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय में घटी घटना में जिन पंद्रह छात्रों पर चीफ प्राक्टर ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें से दो छात्रों ने गुरुवार को कुलपति को ज्ञापन देकर फर्जी तरीके से फंसाने की शिकायत की।

साथियों संग केंद्रीय कार्यालय पहुंचे एमए प्रथम वर्ष के प्रवीण राय योगी ने शक के आधार पर फंसाने की बात कही और बताया कि घटना के समय शुभम हॉस्पिटल में परिजन के साथ मौजूद रहा। दूसरे छात्र आशुतोष ने घटना के समय चंदौली में होने की बात लिखी है।

छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। बीएचयू में बुधवार को हुए बवाल को लेकर 15 नामजद छात्रों की गिरफ्तारी के लिए छह पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

गुरुवार को पुलिस ने आरोपी छात्रों के मिर्जापुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही, महाराजगंज और बिहार स्थित घरों पर छापेमारी की लेकिन किसी का सुराग नहीं लगा। लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बताया कि नामजद छात्रों के दोस्तों के ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही है।

आरोपियों के परिवारीजनों से भी पूछताछ की जाएगी। उधर, सीपीडब्ल्यूडी की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी के मामले में पुलिस जिला जेल में निरुद्ध आशुतोष सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है।
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