जेल में बंद पूर्व सांसद पुत्र रविकांत यादव ने पेशी के दौरान दीवानी न्यायालय में अपने वकील स्वामी नाथ यादव के माध्यम से मानवाधिकार आयोग, केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी, पुलिस उप महानिरीक्षक आजमगढ़, उच्च न्यायालय इलाहाबाद को प्रार्थना पत्र भेज कर पुलिस महकमे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
वकील के माध्यम से भेजे पत्र में रविकांत ने एसओ दीदारगंज व स्वाट टीम प्रभारी पर घटना वाले दिन गाड़ी से 75 हजार रुपये व कई कागजात निकाल लेने, शाहगंज स्थित आवास पर पहुंच कर मेरी लाइसेंसी राइफल व छोटे भाई की गाड़ी उठा लाने का आरोप लगाया है। उल्लेख है कि मुझे और मेरे पिता पूर्व सांसद उमाकांत को पुलिस साजिशन गैंगेस्टर में मुकदमा पंजीकृत कर शस्त्र निरस्तीकरण की नोटिस भेजा है।
इतना ही नहीं पेशी के दौरान एसओ दीदारगंज व स्वाट टीम प्रभारी ने मुझे गाली-गलौज देते हुए दर्जनों मुकदमे में फंसाने व परिवार को बर्बाद करने की धमकी भी दी है। मानवाधिकार आयोग व उच्चाधिकारियों को वकील के माध्यम से भेज पत्र में पूर्व सांसद पुत्र ने पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह, एसओ दीदारगंज व स्वाट टीम प्रभारी के कवायद की जांच करा कर बर्खास्त करने की मांग की है।