पुराने बाहुबली दोस्त से अदावत पर बनारस में हुई गोलीबारी
2002 आते-आते धनंजय सिंह और उनके बाहुबली दोस्त अभय एक-दूसरे के खिलाफ हो गए। नतीजतन, अक्टूबर 2002 में बनारस से जा रहे धनंजय के काफिले पर नदेसर में टकसाल टॉकीज के सामने गोलीबारी हुई। नदेसर के लोगों ने देखा था कि दोनों तरफ से जमकर गोलियां चली थीं। इस गोलीबारी में धनंजय के गनर सहित चार लोग घायल हुए थे। प्रकरण को लेकर धनंजय ने कैंट थाने में अभय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बजरंगी के गुरू की तस्वीर लेकर धनंजय बने निर्दलीय विधायक
जौनपुर के लोग बताते हैं कि 2002 में जौनपुर में विनोद नाटे नाम के एक बाहुबली नेता हुआ करते थे। विनोद को कुख्यात मुन्ना बजरंगी का भी गुरू कहा जाता है। विनोद नाटे ने रारी विधानसभा से चुनाव जीतने के लिए खासी मेहनत की थी। इसी बीच सड़क दुर्घटना में विनोद की मौत हो गई। इसके बाद धनंजय ने विनोद की तस्वीर को अपनी राजनीति का सहारा बनाया और जगह-जगह उनका जिक्र कर लोगों की संवेदनाएं बटोरते हुए 2002 में वह रारी से निर्दलीय विधायक बने।
2007 में धनंजय ने जनता दल यूनाइटेड के विधायक के तौर पर जीत दर्ज की। 2008 में धनंजय बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए और 2009 में बसपा के टिकट पर जौनपुर से सांसद चुने गए। 2011 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में बाहर का रास्ता दिखा दिया।
2012 के विधानसभा चुनाव में धनंजय ने अपनी पूर्व पत्नी डॉ. जागृति को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मल्हनी से उतारा लेकिन वह हार गईं। 2014 में जौनपुर से लोकसभा और 2017 में मल्हनी सीट से निषाद पार्टी से विधानसभा चुनाव में धनंजय ने किस्मत आजमाई लेकिन सफलता नहीं मिली।
निजी जीवन रहा उथलपुथल भरा, तीन शादियां हुईं
धनंजय सिंह का निजी जीवन भी उथलपुथल भरा रहा और उन्होंने तीन शादियां कीं। उनकी पहली पत्नी ने शादी के नौ महीने बाद ही आत्महत्या कर ली थी। दूसरी पत्नी डॉ. जागृति सिंह घरेलू नौकरानी की हत्या के आरोप में नवंबर 2013 में गिरफ्तार हुई थीं। इस मामले में सबूत मिटाने के आरोप में धनंजय भी नामजद हुए थे। हालांकि बाद में जागृति से उनका तलाक हो गया। 2017 में धनंजय ने दक्षिण भारत के एक बड़े कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीकला रेड्डी से पेरिस में तीसरी शादी रचाई।