आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी दलों में शुरू पाला बदल के बीच पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने भी शुक्रवार को कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। अब अपने पुराने घर बसपा में वापसी करने की तैयारी में हैं। हालांकि उनका कहना है कि अभी हफ्ते भर में वह फैसला लेंगे कि उन्हें किस दल में जाना है।
वीरेंद्र सिंह के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। वीरेंद्र के कांग्रेस छोड़ने के ऐलान के कुछ देर बाद ही जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने फोन कर बताया कि उनको पार्टी से पहले ही निकाला जा चुका है। प्रजानाथ ने बताया कि वीरेंद्र सिंह 2013 से ही कांग्रेस विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। उनको संगठन की बैठकों, सम्मेलनों और अधिवेशनों की हमेशा सूचना दी जाती थी लेकिन वह उपस्थित नहीं होते थे। 17 जुलाई को निष्क्रियता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें निष्कासित कर दिया गया। उधर, पूर्वमंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रजानाथ हमेशा सांप्रदायिक शक्तियों के साथ रहे हैं। उनकी निष्ठा यही रही है कि सोनिया गांधी की तसवीर को कभी वह पैरों तले कुचलते पाए जा चुके हैं। कम से कम मेरे ऊपर इस तरह का आरोप लगाने का हक उनको नहीं है।