बसपा नेताओं द्वारा बीजेपी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की बेटी, पत्नी और मां पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान जिस तरीके से बसपा के नेताओं ने भाजपा से निष्कासित दयाशंकर की नाबालिग बेटी को लेकर अश्लील टिप्पणी की, उस मुददे को लेकर भाजपा अब पूरे दमखम से मैदान में उतरने की तैयारी में है। शनिवार को प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में उतरेगी। दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह के तेवर ने पार्टी को हथियार दे दिया है। अब पार्टी ने बसपा के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति बनाई है।
भाजपा नेतृत्व ने माना है कि दयाशंकर सिंह का व्यवहार मायावती के प्रति निंदनीय रहा, जिसका दंड भाजपा नेतृत्व ने दयाशंकर सिंह को पार्टी से निकाल कर दे दिया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ताओं ने जिस तरह लखनऊ में दयाशंकर की बेटी एवं पत्नी को लेकर अश्लील टिप्पणी की, वह भी नसीमुददीन सिद्दीकी मौजूदगी में ऐसी स्थिति में बेटी के सम्मान की लड़ाई के लिए भाजपा मौन नहीं रह सकती। काशी क्षेत्र के प्रवक्ता संजय भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शनिवार की सुबह 11 बजे से जिला मुख्यालय पर नसीमुददीन सिद्दीकी एवं अन्य बसपा के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपेंगे।
वाराणसी में इस विरोध प्रदर्शन को कामयाब बनाने के लिए तैयारी जोरशोर से चल रही है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने नगर के सभी भाजपा पार्षदों व पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र से समर्थकों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचने को कहा है। उधर, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने भी पंचायत सदस्याें समेत अन्य कार्यकर्ताओं संग जिला मुख्यालय पहुंचने की अपील की है। देर शाम पार्टी कार्यालय में इस विरोध प्रदर्शन को कामयाब बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई और पार्टी के विधायकों को भीड़ जुटाने का जिम्मा सौंपा गया। बेटी को मुद्दा बनाकर दयाशंकर मामले में बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुटी है।