रामाश्रय विश्वकर्मा ने कहा कि जब तक सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं हुआ था, तब तक प्रशासन मामले को दबाने में लगा था। लेकिन कार्यक्रम तय होते ही सरकार सक्रिय हुई और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार ने चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने केवल दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और बाकी दो के नाम हटा दिए। दर्ज मुकदमे में भी अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि दूसरा आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल अपनी पूरी रिपोर्ट जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगा और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग जारी रखेगा। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर के अलावा सदर विधायक जै किशन साहू और रीता विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।