पं. रामशंकर त्रिपाठी न सिर्फ महामना पं. मदन मोहन मालवीय के कृपापात्र थे अपितु पं. गोपीनाथ कविराज, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, राय आनंदकृष्ण दास, डॉ. वेणीशंकर झा, डॉ. कालूलाल श्रीमाली जैसे विद्वानों के अति प्रिय थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पं. लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, सितारवादक पं. रविशंकर और संगीतकार जार्ज हैरिसर भी उनकी विद्वता के कायल थे। बनारस और काशी विश्वनाथ मंदिर पर कई पुस्तकें लिखने वाले पं. रामशंकर त्रिपाठी नेपाल नरेश वीरेंद्र वीर विक्रम शाहदेव के राज्याभिषेक में काशी के प्रतिनिधि के तौर पर शरीक हुए थे। विश्वनाथ मंदिर महंत परिवार के अध्यक्ष डॉ. कुलपति तिवारी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से हमने हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत ही नहीं उर्दू और फारसी साहित्य का महान विद्वान खो दिया है। उनके निधन से विद्वता के एक युग का अवसान हो गया।