मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने सोनारपुरा निवासी नगर निगम के पूर्व उप सभापति शैलेंद्र यादव उर्फ बिल्लू को 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह मुकदमा तत्कालीन नगर आयुक्त लालजी राय ने सिगरा थाने में वर्ष 2004 में दर्ज कराया था।
तत्कालीन नगर आयुक्त के अनुसार, 18 अक्तूबर 2004 को नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक चल रही थी। उसमें महापौर सहित कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित थे। साथ ही बैठक में वह, तत्कालीन उप नगर आयुक्त केएन राय, सुभाष पांडेय, सतीश चंद्र मिश्र, रमेश चंद्र सिंह, सहायक नगर आयुक्त आदि भी मौजूद थे। बैठक में बाहर से भी कुछ लोग घुस आए और धमकी देने लगे।
विरोध करने पर हंगामा करने वालों में शामिल मंगल प्रजापति, शैलेंद्र यादव, ओपी सिंह, नईम अहमद, भरत लाल, शंभूनाथ बाटुल, मुरारी यादव, राजेश कुमार यादव आदि सभासदों ने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर कार्यकारिणी कक्ष के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त व अन्य अधीनस्थ अधिकारियों से मारपीट की। इस मामले में विवेचना के दौरान पूर्व उप सभापति शैलेंद्र यादव उर्फ बिल्लू का नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया था।