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यूपी: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को नोटिस, राजद्रोह ओर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप 

Fri, 19 Feb 2021 08:58 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद न्यायाधीश मदन पाल सिंह ने पीडीपी नेता एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को नोटिस जारी की है। उन पर राजद्रोह ओर राष्ट्रीय ध्वज पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने इस बारे में कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। मामले में सुनवाई 23 मार्च को होगी।

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शहर के जोगियापुर मोहल्ला निवासी अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि 23 अक्तूबर 2020 को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कांफ्रेंस में अनुच्छेद 370 की बहाली की पैरवी की थी। कहा कि उनका ध्वज लूटा गया है और वह कोई अन्य झंडा नहीं उठाएंगी। उनके इस बयान से वादी को ठेस पहुंची। 24 अक्तूबर को उन्होंने इसे बक्शा इलाके के नौपेड़वा में अपने मित्र के घर टीवी पर देखा। उन्होंने इसे राजद्रोह बताया।

राज्य सरकार को भी मामले में पक्षकार बनाया गया

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मजिस्ट्रेट ने प्रार्थना पत्र यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि महबूबा मुफ्ती लोकसेवक हैं और उन पर मुकदमे के पूर्व राज्य की अनुमति आवश्यक है। इसके खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई। दलील दी गई कि कोर्ट में आरोप पत्र लगने के दौरान सरकार से पूर्व स्वीकृति आवश्यक है, 156 (3) की दरखास्त या एफआईआर के लिए नहीं। इस पर जिला जज ने बहस सुनने के बाद पुनरीक्षण प्रार्थना पत्र स्वीकार कर महबूबा मुफ्ती को नोटिस जारी की। राज्य सरकार को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।

दरअसल, महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को ना उठाने की बात कही थी। महबूबा ने कहा था कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लेकर रहेंगे। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है, मैं कोई भी चुनाव नहीं लडूंगी। जिस समय हमारा ये झंडा (कश्मीर का झंडा) वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। जब तक हमारा झंडा वापस नहीं आता, तब तक हम किसी और झंडे को हाथ में नहीं उठाएंगे।
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