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सेवानिवृत्त होते ही लापरवाहों की सूची में पूर्व मुख्य अभियंता

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एक दशक से चल रहे शाही नाले के काम की धीमी रफ्तार पर अब शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण के बाद लापरवाह अफसरों की सूची तैयार की जा रही है। इसमें पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए पूर्व मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि यदि कार्रवाई हुई तो उनकी समापक राशि पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल विभागीय अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
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नगर विकास विभाग ने अब शाही नाले के काम की निगरानी शुरू कराई है। नगर विकास सचिव डॉ. रजनीश दूबे के चेतावनी पत्र के बाद बृहस्पतिवार को चैंबर खाली कराने के लिए शाही नाले से जुड़ी लाइनों का खोल दिया गया है। इसमें बेनियाबाग पर लगे पंपिंग स्टेशन को भी बंद कर दिया गया है। दरअसल, 100 साल से ज्यादा पुरानी इस सीवर लाइन में क्षमता के डेढ़ गुना सीवर पहुंच रहा है। यही कारण है कि ओवरफ्लो की वजह से पूरे शहर की सीवर व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बता दें कि शाही नाले के काम की लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त है। वाराणसी दौरे पर नाराजगी जताने के बाद उन्होंने नगर विकास मंत्री को बनारस बुलाया और पूरी टीम के साथ मौके पर निरीक्षण किया था। इसी के बाद से ही माना जा रहा था कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल इस काम की टाइम लाइन जनवरी 2022 तय की गई है।
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