Varanasi News: स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट के पूर्व अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरोपी विवेक जायसवाल 14 साल स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट में नौकरी करने के बाद 2019 में अकाउंटेंट बना। इसके साथ ही वह नकली मुहर लगाकर करोड़पति बना।
स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट के पूर्व अकाउंटेंट विवेक जायसवाल को चौबेपुर पुलिस ने सोमवार रात उमरहां से गिरफ्तार किया। नकली मुहर से ट्रस्ट की रकम ठगने के आरोपी को जेल भेजा गया। वहीं, चार्टर्ड अकाउंटेंट भाई मनीष जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि विवेक जायसवाल ने 14 साल तक अकाउंट विभाग में काम कर विश्वास जमाया। 2019 में अकाउंटेंट बना। अनुयायियों से अच्छे रिश्ते बनाकर दान का पैसे को हड़पा। निर्माणाधीन स्वर्वेद महामंदिर के लिए मिलने वाली रकम को एचडीएफसी बैंक में जमा करने के लिए फर्जी पर नकली मुहर लगाकर दो करोड़ से अधिक की ठगी की। 23 सितंबर को 20,000 की पर्ची पर संदेह हुआ तो जांच कराई गई।
गबन की पुष्टि होने पर स्वर्वेद महामंदिर के सुरेंद्र यादव ने थाने में केस दर्ज कराया। विवेक जायसवाल का सीए भाई अभिषेक कुमार एचडीएफसी बैंक में क्रेडिट मैनेजर भी है। उसके सहयोग से पूरे कार्य को चतुराई से किया। दोनों भाई स्वर्वेद महामंदिर के पीछे आवास में रहते हैं।
जांच की भनक लगते ही एचडीएफसी कर्मचारियों को घूस देकर मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। जांच के बाद एचडीएफसी बैंक के चीफ मैनेजर वैभव त्रिपाठी ने उसकी ओर से दी गई पर्चियों के नकली होने की जानकारी ट्रस्ट को दी। वह दान की राशि को निजी खाते में भी मंगवा लेता था।
प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी विवेक जायसवाल निवासी मेदावल, संतकबीर नगर को गिरफ्तार किया गया। विवेक झूंसी आश्रम प्रयागराज में भी अकाउंटेंट रहा है। भाई मनीष फिलहाल भागा हुआ है।