वाणिज्य कर विभाग द्वारा फर्जीवाड़ा में लिप्त फर्मों की जीएसटी पोर्टल से जांच कर कार्रवाई शुरू की गई। इसमें पता चला कि जीएसटी की ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था के मास्टर माइंड कारोबारी कागजी कारोबार से वाणिज्य कर विभाग को चपत लगा रहे हैं।
कर अधिकारियों ने जीएसटी पोर्टल के जरिए सभी संदिग्ध फर्मों के पंजीयन नंबर से जांच शुरू की। जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीयन संख्या में सभी फर्मों की जांच में कारोबार करने की बात सामने आई, लेकिन फर्म द्वारा रिटर्न नहीं भरा जा रहा था।
फर्म मालिकों द्वारा परिवहन प्रपत्रों ई-वे बिल आदि का प्रयोग दिखाकर कर योग्य बिक्री पर भी आईटीसी क्लेम का दावा किया जा रहा था। वाणिज्य कर विभाग ने दूसरे प्रदेशों से फर्जी तरीके से खरीद करने वाले 60 फर्मों को बोगस घोषित किया गया है। इन संदिग्ध फर्मों की जांच चल रही है।
जीएसटी में कर चोरी करने वालों की जांच पड़ताल की जा रही है। विभागीय जांच में फर्जी फर्में बनाकर कागजी कारोबार करने वाले फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। - मिथिलेश कुमार शुक्ल, अपर आयुक्त वाणिज्य कर