काशी तमिल संगमम में खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते विदेश मंत्री
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विदेशमंत्री ने काशी तमिल संगमम के आयोजन को एतिहासिक करार दिया। उनका कहना है कि पुराने रिश्ते एक-दूसरे को जोड़ते हैं। यही भारत की पहचान है। भारत को भारत कहा जाता है। एक दूसरे के बारे में ज्यादा जानेंगे तो किसी तरह की कठिनाई नहीं आएगी। युवा पीढ़ी को एक दूसरे से जुड़ने का मौका मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी व तमिल संस्कृति की एकरूपता को देखने का अवसर देश, दुनिया को प्रदान किया। इसकी तारीफ की जानी चाहिए। इससे पहले कमिश्नर कौशल राज शर्मा व बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के अधिकारी-कर्मचारियों की तरफ से विदेशमंत्री का स्वागत किया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर रविवार ने जी 20 के कार्यक्रम स्थल का चयन करने के लिए काशी के कई स्थलों को देखा। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा के साथ विदेश मंत्री ने दशाश्वमेध घाट, विश्वनाथ धाम, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर देखा। इसके अलावा रविवार को बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल देखेंगे।
जी-20 में इन देशों की है भागीदारी
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (जी 20) में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके और यूएस और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।