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वाराणसी में फौजी भाइयों ने चौकी प्रभारी और सिपाही पर बोला हमला, मचा हड़कंप

Mon, 10 Sep 2018 05:56 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी के कछवा रोड पुलिस बूथ के सामने ट्रक की टक्कर से घायल युवक को लेकर आर्मी और नेवी में तैनात दो सगे भाई दरोगा और सिपाही से भिड़ गए। दोनों भाइयों के हमले में कछवा रोड चौकी प्रभारी सुरेंद्र यादव और सिपाही प्रवीण यादव घायल हो गए। हमले में चौकी प्रभारी के सिर पर चोट आई और सिपाही का पैर फ्रैक्चर हो गया है। घटना रविवार दोपहर की है। 
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 घायल चौकी प्रभारी की तहरीर पर मिर्जामुराद थाने में रोहनिया के असवारी निवासी रमाशंकर यादव और शिवशंकर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। रमाशंकर नेवी में केरल में और शिवशंकर जम्मू कश्मीर में थल सेना में तैनात बताया गया है। थानाध्यक्ष मिर्जामुराद ने बताया कि दोनों भाइयों ने पुलिस के काम में अनावश्यक हस्तक्षेप कर मारपीट की। दोनों को जेल भेजा जाएगा।

कछवा रोड बाजार में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार मिर्जापुर का सवेसर निवासी मुन्ना यादव घायल हो गया था। पुलिस ने मुन्ना को निजी अस्पताल में भर्ती कराया और चालक को हिरासत में लेकर ट्रक कछवा रोड बाजार चौकी ले जाने लगी। बताया जाता है कि इसी दौरान बाइक सवार रमाशंकर और शिवशंकर मौके पर पहुंच गए।
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दोनों का आरोप था कि पुलिस हादसे के बावजूद ट्रक को छोड़ रही है। दोनों ने कछवा रोड चौकी प्रभारी और सिपाही से कहासुनी शुरू कर दी। बात बढ़ने पर दोनों भाइयों ने पुलिस बूथ पर रखी बेंच को उठा कर दरोगा और सिपाही पर हमला कर दिया।  जानकारी मिलते ही मिर्जामुराद थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर थाने ले गए।
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लगातार हो रहे हमलों से पुलिस को मिल रही चुनौती

वाराणसी  में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बीते डेढ़ महीने में लोहता, रोहनिया, सारनाथ, बड़ागांव और मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में पुलिस पर छह बार हमला हुआ। ऐसी अराजक स्थिति से जहां सीधे-सीधे पुलिस के इकबाल को चुनौती मिल रही है। वहीं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का हौसला बुलंद होता जा रहा है। इसके कारण पुलिसकर्मियों के मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

पुलिस महकमे के ही लोगों का कहना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति की एक अहम वजह यह भी है कि योग्य दरोगा और सिपाहियों की तैनाती फील्ड में नहीं की जा रही है। बीते 25 जुलाई को लोहता थाना क्षेत्र के कन्हईसराय चौक गांव में किशोरी के अपहर्ता के दोस्त की तलाश में गए दरोगा और सिपाही पर दिनदहाड़े हमला कर उन्हें बंधक बना लिया गया था। इसके अगले दिन 26 जुलाई की रात सारनाथ थाना अंतर्गत नान्हूपुर में झगड़े की सूचना पाकर पहुंचे पुलिस रिस्पांस व्हीकल के पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। 

31 जुलाई को मिर्जामुराद में बोलेरो सवार भिखारीपुर निवासी युवक ने सरेराह सिपाही की पिटाई की। सात अगस्त को रोहनिया के गंगापुर में गंगापुर चौकी प्रभारी राजबहादुर सिंह पर हेरोइन तस्कर और उसके परिजनों ने हमला कर घायल कर दिया। तीन सितंबर की शाम सारनाथ थाना की सरायमोहाना पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी केपी यादव पर दो सगे भाइयों ने हमला कर घायल कर दिया।

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में आयोजित भारत बंद के दौरान छह सितंबर को बाबतपुर में सिपाही पर हमला कर घायल कर दिया गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि ऐसे मामलों के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
 
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