भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की भव्य नयनाभिराम शोभायात्रा पहली बार बजड़ों पर निकलेगी। 15 नवंबर को अस्सी से राजेंद्र प्रसाद घाट तक 51 बजड़ों पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। 21 फीट भव्य प्रतिमा की महाआरती होगी और नाट्य मंचन भी होगा। यह जानकारी शुक्रवार को अस्सी घाट स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक महेश चंद श्रीवास्तव ने दी।
उन्होंने बताया कि शहर में जाम की समस्या को देखते हुए इस बार ये निर्णय लिया गया कि शोभायात्र जलमार्ग से निकाली जाए। शोभायात्रा से पहले अस्सी घाट पर महापूजनोत्सव होगा। पाप पुण्य का लेखा जोखा रखने वाले भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज पर आधारित भव्य नाट्य मंचन होगा। शिव तांडव स्तोत्र व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। राजेंद्र प्रसाद घाट पर शोभायात्रा के पहुंचने पर भारतरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण होगा। इसके बाद बजड़े पर सवार होकर शोभायात्रा वापस अस्सी आएगी। कार्यक्रम के बाद स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य आशीर्वचन काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती का होगा। काशीवासियों से अपील की गई कि वे इस शोभायात्रा में शामिल हों। इस मौके पर महासभा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, मुकेश मौजूद रहे।